गीता योग सूत्र - 01

गीता योग सूत्र नाम से यह एक नयी श्रृंखला प्रारम्भ की जा रही है जिसमें गीता के लगभग 200 सूत्रों से 32 गीता योग सूत्र दिए जायेंगे जिनका सम्बन्ध सीधे गीता  के  माध्यम से ध्यान में उतरना संभव है ,
 तो आइये चलते हैं अगले सोपान पर : ...................
गीता योग सूत्र - 01
1- सूत्र -  2.60 मन आसक्त इंद्रिय का गुलाम है
2- सूत्र - 2.67 बुद्धि आसक्त मन का गुलाम है
3 - सूत्र - 3.6 जोर जबरदस्ती से इंद्रियों को दबानें से अहँकार सघन होता है
4- सूत्र - 2.59 इंद्रियों को बिषयों से दूर रखनें से क्या होगा ? मन तो
    उन - उन बिषयों पर मनन करता ही रहेगा
5- सूत्र - 2.58 इंद्रिय न्यंत्रण ऐसा रहे जैसे कछुए का नियंत्रण उसके अंगों पर रहता है
6 - सूत्र - 3.34 सभीं बिषयों में राग - द्वेष की ऊर्जा होती है
7 - सूत्र - 3.7 मन से इंद्रियों का नियोजन होना चाहिए
8 - सूत्र - 2.68 इंद्रिय नियोजन से स्थिर प्रज्ञता मिलाती है
9 - सूत्र - 2.55 स्थिर प्रज्ञा आत्मा से आत्मा में स्थित प्रभु मय होता है
अब -----
आगे इन नौ सूत्रों में तैरना आप को है , आज बश इतना ही //
==== ओम् =======

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